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बीकानेर में विधायक रविन्द्र सिंह भाटी का भव्य स्वागत, JCB से हुई पुष्पवर्षा, युवाओं में दिखा ज़बरदस्त जोश

On: March 22, 2026 8:45 AM
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राजस्थान की शिव विधानसभा से निर्दलीय विधायक रविन्द्र सिंह भाटी का बीकानेर पहुंचने पर भव्य स्वागत हुआ। नाल एयरपोर्ट पर समर्थकों की भारी भीड़ ने JCB मशीनों से फूलों की वर्षा कर उनका स्वागत किया। बिना किसी दल या संगठन के समर्थन के भी भाटी ने अपनी लोकप्रियता का लोहा मनवाया, खासकर युवाओं में उनके प्रति जबरदस्त उत्साह देखा गया। पूगल फांटा, सुंदर विहार कॉलोनी, शोभासर, नूरसर फांटा, करणीसर और 682 आरडी पर स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां समर्थकों ने नारेबाजी के साथ उनका अभिनंदन किया।

खेजड़ी संरक्षण और राजस्थानी भाषा को मान्यता के लिए प्रतिबद्ध

अपने संबोधन में रविन्द्र सिंह भाटी ने खेजड़ी वृक्ष को राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर बताते हुए इसके संरक्षण की बात कही। उन्होंने कहा, “खेजड़ी हमारा प्रमुख पेड़ है। इसकी रक्षा के लिए हम संघर्षरत हैं और जल्द ही इसे काटने पर रोक लगाने के लिए कानून बनेगा।” भाटी ने ठेठ मारवाड़ी अंदाज में राजस्थानी भाषा को मान्यता दिलाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा, “राजस्थानी हमारी मातृभाषा है। इसे मान्यता मिलनी ही चाहिए।” उनके इस बयान ने स्थानीय लोगों में गहरी छाप छोड़ी।

सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों में शिरकत

रविन्द्र सिंह भाटी का बीकानेर दौरा सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों से भरा रहा। दिन की शुरुआत पूगल में एक ट्रैक्टर कंपनी के प्रतिष्ठान के शुभारंभ समारोह से हुई, जहां वे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इसके बाद शाम को शेखासर में आयोजित खेलकूद प्रतियोगिता में उन्होंने शिरकत की। देर शाम गोपालसर में एक विशाल भजन संध्या और प्रतिभा सम्मान समारोह में भी वे मौजूद रहे। इन कार्यक्रमों में युद्धवीर सिंह भाटी, दानवीर सिंह भाटी और मुदित खजांची जैसे प्रमुख लोग भी उनके साथ नजर आए।

युवाओं के प्रेरणास्रोत बने भाटी

32 वर्षीय रविन्द्र सिंह भाटी अपनी सादगी और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए जाने जाते हैं। बाड़मेर की शिव विधानसभा से निर्दलीय विधायक के रूप में चुने गए भाटी ने अपनी मेहनत और जनता से सीधे जुड़ाव के बल पर पूरे राजस्थान में अपनी पहचान बनाई है। बीकानेर में उनके स्वागत में उमड़ी भीड़ और युवाओं का जोश इस बात का सबूत है कि वे न केवल एक नेता, बल्कि युवाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत भी बन चुके हैं।

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