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राजस्थान एटीएस की बड़ी कार्रवाई! 26/11 ताज हमले का हीरो रहा पूर्व एनएसजी कमांडो बजरंग सिंह गांजा तस्करी में गिरफ्तार

On: March 22, 2026 8:45 AM
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जयपुर/चूरू: राजस्थान में नशा तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई ने पूरे देश को चौंका दिया। एटीएस (Anti-Terrorist Squad) और एएनटीएफ (Anti-Narcotics Task Force) ने संयुक्त ऑपरेशन में पूर्व एनएसजी कमांडो बजरंग सिंह (45) को चूरू जिले के रतनगढ़ से गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि यही बजरंग सिंह 2008 मुंबई 26/11 ताज हमले के दौरान आतंकियों से लोहा लेने वाला ब्लैक कैट कमांडो था।

200 किलो गांजा और तस्करी से जुड़े दस्तावेज बरामद

बुधवार देर रात की इस कार्रवाई को पुलिस ने ‘ऑपरेशन गांजनेय’ नाम दिया। छापेमारी में बजरंग सिंह के पास से 200 किलोग्राम गांजा, नकदी और तस्करी से जुड़े अहम दस्तावेज बरामद किए गए। पुलिस महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि बजरंग तेलंगाना और ओडिशा से गांजा मंगवाकर राजस्थान के सीकर, जयपुर और जोधपुर में सप्लाई करता था। उसके ऊपर 25,000 रुपये का इनाम घोषित था।

गुप्त निगरानी से पकड़ा गया

एटीएस के अनुसार, बजरंग हमेशा अपने ओडिया रसोइए के साथ रहता था। रसोइए के रिश्तेदारों पर तकनीकी निगरानी रखी गई, जिससे उसका ठिकाना पकड़ा गया। इसके बाद चूरू में छापेमारी कर उसे दबोच लिया गया। पुलिस का कहना है कि यह नशा तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक है।

26/11 ताज हमले का हीरो

बजरंग सिंह ने 10वीं के बाद एनएसजी जॉइन की थी और 2008 में मुंबई हमलों के दौरान होटल ताज में आतंकियों से सीधी भिड़ंत की थी। उसकी वीरता उस समय देशभर में चर्चा का विषय बनी थी। लेकिन 2021 में रिटायरमेंट के बाद जब राजनीति में किस्मत नहीं चमकी तो आर्थिक तंगी और गलत संगत ने उसे अपराध की ओर धकेल दिया।

पुलिस की चुनौती – युवाओं को नशे से बचाना

एटीएस का कहना है कि बजरंग अपनी कमांडो ट्रेनिंग का इस्तेमाल पुलिस से बचने और तस्करी को छिपाने में करता था। उसका नेटवर्क खासतौर पर युवाओं को निशाना बनाता था, जिससे राजस्थान के कई शहरों में नशे की लत तेजी से फैल रही थी।

परिवार का दर्द और समाज के सवाल

गिरफ्तारी पर परिवार ने दुख जताया और कहा कि बजरंग कभी देश का सपूत था, लेकिन हालात ने उसे गलत राह पर डाल दिया। अब पुलिस उसके नेटवर्क के अन्य तस्करों की तलाश कर रही है। यह घटना समाज में बड़े सवाल खड़े करती है—क्या पूर्व सैनिकों के लिए रोजगार और पुनर्वास योजनाओं की कमी उन्हें अपराध की ओर धकेल रही है?

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने एटीएस की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा—“नशा मुक्त राजस्थान हमारा संकल्प है। पूर्व सैनिकों को अपराध से दूर रखने के लिए पुनर्वास योजनाएं और सख्ती से लागू की जाएंगी।

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