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राजस्थान में यहाँ लगता है मोहब्बत का मेला: इस मजार पर प्रेमी जोड़े बांधते हैं आस्था का धागा

On: March 22, 2026 8:42 AM
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जहां प्रेम अमर है: बिंजौर का लैला-मजनूं मेला

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के अनूपगढ़ उपखंड के पास भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे बिंजौर गांव में स्थित है एक ऐसी मजार, जो सिर्फ श्रद्धा का केंद्र नहीं, बल्कि सच्चे प्रेम का प्रतीक बन चुकी है। यहां हर साल जून में लगता है मोहब्बत का मेला

मेले में उमड़ा प्रेमियों का सैलाब

लैला-मजनूं की मजार: प्रेम की प्रतीक

कहा जाता है कि लैला और मजनूं ने समाज की बंदिशों से दूर होकर बिंजौर में प्रेम की अंतिम मंज़िल पाई। गांववालों ने उनके प्रेम को सम्मान दिया और यहीं उनकी मजार बनी। यह मजार आज प्रेमियों के लिए आस्था का तीर्थ है।

मेले की प्रमुख परंपराएं

  1. मजार पर सजदा: प्रेमी जोड़े अपने रिश्ते की सफलता की दुआ मांगते हैं।
  2. धागा बांधना: साथ मिलकर धागा बांधना प्रेम का प्रतीक है।
  3. मन्नत की चादर: पूरी हुई मन्नत के बाद चादर चढ़ाई जाती है।

श्रद्धा, प्रेम और उत्सव का मेल

मेले में सिर्फ पूजा नहीं, सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होते हैं।

सुरक्षा व्यवस्था और चमत्कार की मान्यता

बीएसएफ, पुलिस, आईबी और सीआईडी ने कड़ी सुरक्षा की व्यवस्था संभाली। मेला कमेटी ने पार्किंग और व्यवस्था को बेहतर रूप दिया।

1965 की बाढ़ में मजार तक पानी नहीं पहुंचना और 1972 का चमत्कार इस स्थान को और पावन बनाता है।

कैसे पहुंचे बिंजौर गांव?

प्रेमियों के लिए संदेश

अगर आप भी अपने प्रेम को अमर बनाना चाहते हैं या किसी रिश्ते में उम्मीद की तलाश कर रहे हैं, तो एक बार इस पवित्र मजार पर जरूर जाएं। यहां सिर्फ आस्था नहीं, एक अनुभूति है।

📸 मेले की एक झलक:

🗨 क्या आप भी गए हैं इस मेले में?

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