बीकानेर

Rajasthan Politics: फिर जिंदा हुआ कन्हैयालाल मर्डर केस, गहलोत के सवालों से मची सियासी हलचल

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जयपुर: राजस्थान की राजनीति एक बार फिर गर्माई हुई है और इस बार वजह बना है उदयपुर टेलर कन्हैयालाल मर्डर केस, जिसे लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा और NIA पर तीखे सवाल उठाए हैं।

हालांकि अभी ‘उदयपुर फाइल्स’ नाम की फिल्म रिलीज नहीं हुई है, लेकिन उससे पहले ही यह मुद्दा एक बार फिर सियासी मंच पर आ गया है। गहलोत के बयानों से स्पष्ट है कि यह केस ना सिर्फ संवेदनशील है, बल्कि राजनीतिक हथियार भी बन चुका है।

गहलोत का बीजेपी पर तीखा हमला

गहलोत ने कहा कि “हमारी सरकार ने मात्र चार घंटे में आरोपियों को पकड़ लिया, लेकिन बाद में केस NIA को सौंप दिया गया। तीन साल में NIA बयान तक नहीं करवा सकी। ऐसे में दोषियों को कब सजा मिलेगी? क्या बीजेपी सिर्फ इस केस की राजनीति करना चाहती है?”

गहलोत ने दावा किया कि अगर यह केस राज्य सरकार के पास ही रहता तो अब तक दोषियों को सजा मिल जाती। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विधानसभा चुनावों से पहले हर रैली में भाजपा नेताओं ने इस केस का जिक्र किया और धार्मिक ध्रुवीकरण

मुआवजे को लेकर फैलाई गई अफवाहें?

गहलोत ने कहा कि “बीजेपी ने झूठ फैलाया कि मुस्लिम को 50 लाख और हिन्दू को 5 लाख मिले। यह पूरी तरह गलत है। इस तरह की बातें करके जनता को गुमराह किया गया।”

 ‘उदयपुर फाइल्स’ से भी बढ़ी हलचल

इस पूरे विवाद की जड़ में है ‘उदयपुर फाइल्स’ नाम की एक फिल्म, जो कन्हैयालाल केस पर आधारित बताई जा रही है। भले ही फिल्म अभी रिलीज नहीं हुई है, लेकिन इस पर चर्चा और राजनीतिक बयानबाज़ी शुरू हो गई है।

जातिगत जनगणना पर भी बोले गहलोत

गहलोत ने जातिगत जनगणना को लेकर कहा कि यह राहुल गांधी का मिशन बन चुका है। उन्होंने कहा – “1931 के बाद कोई जातिगत जनगणना नहीं हुई है। अमीर-गरीब की खाई बढ़ती जा रही है। यह जनगणना सभी वर्गों के लिए जरूरी है।”

उन्होंने साफ किया कि राहुल गांधी जनरल कास्ट के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि सबके अधिकारों की बात कर रहे हैं। गहलोत ने यह भी कहा कि “RSS ने संविधान को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया और बीजेपी धर्म के नाम पर लोगों को गुमराह कर रही है।”

कन्हैयालाल मर्डर केस एक संवेदनशील मुद्दा है, जिसे लेकर एक बार फिर राजस्थान की राजनीति गरमा गई है। अशोक गहलोत के सवालों ने ना सिर्फ NIA की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं, बल्कि BJP की चुनावी रणनीति पर भी हमला किया है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा क्या नया मोड़ लेता है।

Rajasthan Politics में यह मुद्दा एक बार फिर से केंद्र में आ गया है। कन्हैयालाल मर्डर केस से जुड़ी यह सियासी उठापटक आने वाले चुनावी समीकरणों को भी प्रभावित कर सकती है। Rajasthan Politics से जुड़ी ताज़ा खबरों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें।

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