बीकानेर

Rajasthan News: जमीन विवाद खूनी संघर्ष में बदला, दो महिलाओं समेत छह घायल; गांव में भारी तनाव और पुलिस तैनाती

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Alwar News: अलवर जिले के भिवाड़ी उपखंड के उदयपुर गांव में रविवार को एक पुराने जमीन विवाद ने अचानक खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। बताया जा रहा है कि यह विवाद कई वर्षों से चल रहा था और दोनों पक्षों के बीच पहले भी तनातनी बनी रहती थी।

हमला और घायल

दो पक्षों के बीच शुरू हुई कहासुनी कुछ ही मिनटों में लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमले में बदल गई। संघर्ष के दौरान दो महिलाओं समेत छह लोग घायल हुए। घायलों को तुरंत भिवाड़ी जिला अस्पताल ले जाया गया। गंभीर हालत में तीन घायलों को अलवर के राजकीय अस्पताल रेफर कर दिया गया।

घरों में घुसकर तोड़फोड़

सब-इंस्पेक्टर पुनीत कुमार ने बताया कि एक पक्ष ने दूसरे पर धारदार हथियारों और लाठी-डंडों से हमला किया। हमले के दौरान कई लोग घरों में घुसकर तोड़फोड़ करने लगे। घरों की खिड़कियां, दरवाजे और शीशे तोड़ दिए गए। पीड़ित परिवार का आरोप है कि हमलावरों ने उनके 5 मोटरसाइकिल, एक टेम्पो, वॉशिंग मशीन, फ्रिज और अन्य घरेलू सामान तोड़ दिए। महिलाओं के साथ अभद्रता और जान से मारने की धमकी देने के भी आरोप लगाए गए।

पुलिस की तैनाती और जांच

घटना की सूचना पर उदयपुर थाना पुलिस के साथ-साथ आस-पास के दो थानों की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। हालात को काबू में करने के लिए गांव में भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है ताकि दोबारा कोई विवाद न हो। फिलहाल दोनों पक्षों की शिकायतें दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई हैं। दोषियों की पहचान की जा रही है और कानूनी कार्रवाई सख्ती से की जाएगी।

विवाद की पृष्ठभूमि

सूत्रों के अनुसार यह जमीन विवाद कई वर्षों से चल रहा है। पहले भी दोनों परिवारों के बीच छोटे-मोटे झगड़े होते रहे हैं। पंचायत और स्थानीय स्तर पर सुलह की कोशिशें हुईं, लेकिन विवाद सुलझ नहीं सका। रविवार को मामूली कहासुनी अचानक खूनी संघर्ष में बदल गई।

ग्रामीण सुरक्षा पर असर

घटना के बाद गांव में तनाव व्याप्त हो गया। ग्रामीण भयभीत हैं और बच्चों को घरों से बाहर नहीं भेजा जा रहा। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि सभी दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा और पूरे गांव में शांति बहाल रखने के लिए गश्त जारी रहेगी।

राजस्थान में जमीन विवाद और कानून

राजस्थान में पुराने जमीन विवाद अक्सर स्थानीय स्तर पर हिंसक संघर्ष का रूप ले लेते हैं। सरकार और प्रशासन समय-समय पर पंचायतों और तहसीलों के माध्यम से विवाद समाधान की कोशिश करते हैं। ऐसे मामलों में लाठी-डंडा और धारदार हथियार इस्तेमाल करने वाले आरोपी अपराध के तहत दोषी माने जाते हैं।

पुलिस और प्रशासन की भूमिका

स्थानीय प्रशासन ने बताया कि आरोपी पक्षों को समझाने के बावजूद हिंसा बढ़ गई। अब पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। गांव में तैनात भारी जाब्ता और गश्त से भविष्य में किसी भी प्रकार के हिंसक संघर्ष को रोकने का प्रयास किया जा रहा है।

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