बीकानेर

Rajasthan: गैंगरेप-हत्याकांड में बड़ा फैसला, दोषियों को फांसी की सजा

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दौसा: राजस्थान के दौसा जिले के लालसोट क्षेत्र में हुए गैंगरेप और हत्या के जघन्य मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है।

चार साल बाद मिला पीड़िता को न्याय

यह मामला वर्ष 2022 का है, जब एक विवाहिता अपने ससुराल से पीहर जा रही थी। रास्ते में आरोपियों ने उसका अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म किया और बाद में हत्या कर शव कुएं में फेंक दिया था।

करीब चार वर्षों तक चली सुनवाई के बाद न्यायालय ने दोषियों को मृत्युदंड देकर पीड़िता को न्याय दिलाया।

जज ने सुनाया फैसला, पढ़ी भावुक कविता

फैसला सुनाते समय न्यायाधीश ऋतु चौधरी ने समाज की संवेदनाओं को झकझोरने वाली कविता पढ़ी, जिसमें बेटियों की सुरक्षा और सम्मान पर चिंता जताई गई।

कविता के माध्यम से न्यायालय ने यह संदेश दिया कि महिलाओं के खिलाफ अपराध किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सिर झुकाकर पहुंचे आरोपी

गुरुवार को दोनों आरोपी भारी पुलिस सुरक्षा के बीच न्यायालय में पेश हुए। वे सिर झुकाकर खड़े रहे। दोषी करार दिए जाने के बाद पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर रवाना हुई।

नाबालिग गवाह और CCTV से खुला मामला

पुलिस जांच में CCTV फुटेज और एक नाबालिग छात्र की सूचना से पूरे मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की गई।

एक आरोपी कालूराम को पहले गिरफ्तार किया गया, जबकि दूसरे आरोपी संजू मीना को बाद में पकड़ा गया।

जांच और कोर्ट की कार्रवाई

पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर मामले की गंभीरता से जांच की। चार्जशीट में 45 गवाहों और 145 दस्तावेजों को शामिल किया गया।

दोनों आरोपी रामगढ़ पचवारा थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं और आपस में रिश्तेदार हैं।

पूरा घटनाक्रम

  • 23 अप्रैल 2022: पीड़िता ससुराल से रवाना
  • 23 अप्रैल 2022: बस से उतरने के बाद लापता
  • 24 अप्रैल 2022: गुमशुदगी दर्ज
  • 25 अप्रैल 2022: पहला आरोपी गिरफ्तार
  • 25 अप्रैल 2022: शव बरामद
  • 26 अप्रैल 2022: दूसरा आरोपी गिरफ्तार
  • 4 मई 2022: SIT गठन
  • जुलाई 2022: चार्जशीट पेश
  • 19 फरवरी 2026: दोषी करार
  • 20 फरवरी 2026: फांसी की सजा

महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा संदेश

यह फैसला महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर सख्त संदेश देता है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि ऐसे अपराधियों के लिए समाज में कोई जगह नहीं है।

इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिला है और समाज में कानून पर भरोसा मजबूत हुआ है।

— रिपोर्ट: अब तक भारत डिजिटल न्यूज़

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