राजस्थान

Rajasthan News: कैला देवी पदयात्रा में ‘बच्चा चोर’ समझकर महिला की पिटाई, वीडियो वायरल

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राजस्थान के करौली जिले में स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ कैला देवी मंदिर के चैत्र मेले के दौरान एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। पदयात्रा के दौरान ‘बच्चा चोरी’ की अफवाह के चलते महिलाओं की भीड़ ने एक अज्ञात महिला को पकड़कर उसकी जमकर पिटाई कर दी। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे प्रशासन और पुलिस महकमे में हलचल मच गई है।

घटना राजस्थान और उत्तर प्रदेश की सीमा के पास डाबर-सरौली गांव के नजदीक हुई बताई जा रही है। वायरल वीडियो में कुछ महिलाएं उस महिला को बाल पकड़कर खींचती और थप्पड़-घूंसे मारती नजर आ रही हैं। वहीं पीड़ित महिला खुद को निर्दोष बताती दिखाई देती है।

इस घटना ने एक बार फिर भीड़ द्वारा कानून हाथ में लेने और अफवाहों के खतरनाक परिणाम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अफवाह से भड़का गुस्सा: कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद

हर साल की तरह इस बार भी करौली स्थित कैला देवी मंदिर के चैत्र मेले में लाखों श्रद्धालु पदयात्रा कर मंदिर पहुंच रहे हैं। राजस्थान के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से भी बड़ी संख्या में भक्त यहां आते हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, बयाना मार्ग पर राजस्थान-यूपी सीमा के पास किसी व्यक्ति ने अचानक यह अफवाह फैला दी कि एक अज्ञात महिला बच्चे को उठाने की कोशिश कर रही है

बस इसी अफवाह ने माहौल को अचानक तनावपूर्ण बना दिया।

कुछ ही मिनटों में आसपास मौजूद पदयात्रियों और स्थानीय महिलाओं की भीड़ उस महिला के चारों ओर इकट्ठा हो गई। देखते ही देखते लोगों ने महिला को पकड़ लिया और बिना सच्चाई जाने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।

वायरल वीडियो में दिखी उग्र भीड़

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कई महिलाएं एक महिला को घेरकर मारती हुई नजर आ रही हैं। वीडियो में दिखाई देता है कि:

  • कुछ महिलाएं उसके बाल पकड़कर खींच रही हैं
  • कई लोग थप्पड़ और घूंसे मार रहे हैं
  • महिला खुद को बेगुनाह बताने की कोशिश कर रही है

वीडियो में यह भी देखा जा सकता है कि कुछ लोग बीच-बचाव करने की कोशिश करते हैं, लेकिन उग्र भीड़ के सामने उनकी कोशिशें नाकाम होती दिखाई देती हैं।

घटना का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

पुलिस को सूचना देने के बजाय भीड़ ने खुद किया फैसला

घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि मौके पर मौजूद सैकड़ों लोगों में से किसी ने भी तुरंत पुलिस को सूचना देना जरूरी नहीं समझा।

बताया जा रहा है कि भीड़ ने काफी देर तक महिला के साथ मारपीट की। बाद में उससे जबरन माफी मंगवाई गई और फिर उसे वहां से जाने दिया गया।

इस घटना के बाद कई सवाल उठ रहे हैं:

  • क्या महिला वास्तव में किसी अपराध में शामिल थी?
  • या वह केवल अफवाह का शिकार बन गई?

फिलहाल इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

सीमा विवाद में उलझी घटना

यह घटना राजस्थान के भरतपुर जिले के बयाना क्षेत्र और उत्तर प्रदेश की सीमा के बिल्कुल नजदीक हुई बताई जा रही है।

यही कारण है कि शुरुआती दौर में यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि घटना स्थल किस राज्य की पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आता है।

सूत्रों के अनुसार:

  • राजस्थान पुलिस और यूपी पुलिस दोनों ही मामले की जानकारी जुटा रही हैं
  • वायरल वीडियो के आधार पर घटना स्थल की पहचान की जा रही है
  • मारपीट में शामिल लोगों को चिन्हित करने की कोशिश चल रही है

पुलिस का कहना है कि यदि वीडियो की पुष्टि होती है तो कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

कैला देवी मेले में उमड़ती है लाखों श्रद्धालुओं की भीड़

करौली जिले में स्थित कैला देवी मंदिर देश के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। हर साल चैत्र मास में यहां विशाल मेला आयोजित होता है।

इस दौरान राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और हरियाणा सहित कई राज्यों से लाखों श्रद्धालु पदयात्रा करते हुए मंदिर पहुंचते हैं।

भीड़ अधिक होने के कारण प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम करने पड़ते हैं।

अफवाहों से पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत के कई हिस्सों में बच्चा चोरी की अफवाहें पहले भी हिंसा का कारण बन चुकी हैं।

पिछले कुछ वर्षों में सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर फैलने वाली अफवाहों के कारण कई जगहों पर भीड़ द्वारा लोगों की पिटाई के मामले सामने आए हैं।

ऐसे मामलों में अक्सर बाद में पता चलता है कि आरोपित व्यक्ति निर्दोष था और घटना केवल अफवाह के कारण हुई।

प्रशासन की अपील: अफवाहों से बचें

कैला देवी मेले के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं से विशेष अपील की है।

प्रशासन का कहना है कि:

  • किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें
  • अफवाहों पर भरोसा न करें
  • कानून हाथ में लेना अपराध है

अधिकारियों ने यह भी कहा कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है और दोषियों की पहचान होने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

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