बीकानेर

Bikaner NRCC News: ऊंट के आंसुओं से एंटी वेनम बनने का दावा फर्जी, रिसर्च सेंटर ने दी सफाई

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बीकानेर। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें कहा गया है कि ऊंट के आंसुओं से एंटी वेनम इंजेक्शन बनाए जाते हैं। उनसे दुनिया के 20 से ज्यादा सांपों का जहर खत्म करने वाली दवा बनाई जाती है। लेकिन बीकानेर स्थित राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र (NRCC) ने इस दावे को सिरे से खारिज किया है।

क्या है वायरल दावा?

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से शेयर की जा रही एक खबर में बताया जा रहा है कि ऊंट के आंसुओं को इकट्ठा कर एंटी वेनम (Anti-Venom) तैयार किया जाता है। यह दवा कथित रूप से बीकानेर स्थित NRCC और दुबई के कुछ शोधकर्ताओं की मदद से बनाई जा रही है।

NRCC Bikaner ने किया दावा खारिज

राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र (NRCC), बीकानेर ने सोशल मीडिया पर चल रही इस खबर को भ्रामक और पूरी तरह गलत बताया है। संस्थान ने स्पष्ट किया कि:

  • ऊंट के आंसुओं से किसी भी प्रकार की एंटी वेनम दवा नहीं बनाई जाती।
  • संस्थान ने ऐसा कोई शोध न पहले किया है, न ही वर्तमान में कर रहा है।
  • सोशल मीडिया पर चल रही खबरें झूठी हैं और संस्थान की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली हैं।

एनआरसीसी की अपील

संस्थान ने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से जनता, मीडिया और कंटेंट क्रिएटर्स से अपील की है कि किसी भी अप्रमाणित और भ्रामक जानकारी को बिना सत्यापन के प्रसारित न करें। ऐसी सूचनाएं न केवल संस्थान की प्रतिष्ठा को धूमिल करती हैं, बल्कि ऊंटों के कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी नुकसान पहुंचाती हैं।

क्या है NRCC और क्या करता है?

राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र (National Research Centre on Camel) भारत में ऊंटों पर अनुसंधान करने वाला प्रमुख संस्थान है। इसकी स्थापना 1984 में ऊंट निदेशालय के रूप में हुई थी, जिसे 1995 में उन्नत कर वर्तमान स्वरूप दिया गया। यह केंद्र भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के तहत कार्य करता है और ऊंटों के स्वास्थ्य, प्रजनन, आहार, संरक्षण और उपयोगिता पर रिसर्च करता है।

संक्षेप में:

  • ऊंट के आंसुओं से एंटी वेनम बनना केवल एक अफवाह है।
  • NRCC बीकानेर ने दावे को किया पूरी तरह खंडित।
  • संस्थान ने जनता से की अपील – भ्रामक खबरें न फैलाएं।

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