बाड़मेर में मचा बवाल भाटी बोले – सीमांतवासियों को दें हथियार लाइसेंस, शेखावत ने ठुकराई मांग!"

Dec 27, 2025 - 22:47
 0
बाड़मेर में मचा बवाल भाटी बोले – सीमांतवासियों को दें हथियार लाइसेंस, शेखावत ने ठुकराई मांग!"

राजस्थान के बाड़मेर जिले, जो भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगा हुआ है, में सीमावर्ती क्षेत्रों के निवासियों को हथियार लाइसेंस जारी करने के मुद्दे पर राजनीतिक बहस छिड़ गई है। यह विवाद एक सार्वजनिक कार्यक्रम में सामने आया, जहां केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की मौजूदगी में शिव विधानसभा क्षेत्र के निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने सीमांतवासियों के लिए लाइसेंसशुदा हथियार देने की मजबूत वकालत की।

विधायक रविंद्र सिंह भाटी का पक्ष: 

भाटी ने तर्क दिया कि बाड़मेर पाकिस्तान सीमा से सटा जिला है और यहां के लोग हर युद्ध (जैसे 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्ध) में भारतीय सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर देश की रक्षा करते आए हैं। वर्तमान समय में सीमावर्ती गांवों में लोगों के पास हथियार या लाइसेंस नहीं हैं, जिससे उनकी आत्मरक्षा और सीमा सुरक्षा कमजोर हो रही है। उन्होंने सरकार से अपील की कि सीमांत गांवों के रिकॉर्ड की जांच कर पात्र और विश्वसनीय लोगों को लाइसेंस जारी किए जाएं, ताकि स्थानीय स्तर पर सुरक्षा मजबूत हो सके।

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की असहमति: 

शेखावत ने इस मांग का विरोध करते हुए कहा कि अगर बॉर्डर क्षेत्र के लोगों को आसानी से हथियार लाइसेंस दे दिए गए, तो अन्य गैर-सीमावर्ती क्षेत्रों के लोग भी इसी आधार पर मांग करने लगेंगे, जिससे समस्या बढ़ सकती है। उन्होंने जोर दिया कि बदलते समय में हथियारों से ज्यादा महत्वपूर्ण तकनीकी शिक्षा और टेक्नोलॉजी है। पश्चिमी राजस्थान के युवाओं को ड्रोन, साइबर सिक्योरिटी और आधुनिक तकनीक से जोड़ना चाहिए, ताकि वे वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ सकें।

सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल का मत: 

बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल (कांग्रेस) ने संतुलित रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिले होने के कारण सख्त जांच और वास्तविक आवश्यकता के आधार पर लाइसेंस दिए जा सकते हैं, लेकिन किसी भी हालत में हथियार अपराधियों या अनुपयुक्त लोगों के हाथ नहीं पहुंचने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में कई ऐसे लाइसेंसधारक हैं जो इसके योग्य नहीं हैं, और इस मुद्दे पर जिला कलेक्टर से पहले भी चर्चा हो चुकी है। बेनीवाल ने स्पष्ट किया कि बिना ठोस कारण और गहन सत्यापन के लाइसेंस जारी नहीं होने चाहिए।यह बहस बाड़मेर की सीमा सुरक्षा, आत्मरक्षा और हथियार नियंत्रण के बीच संतुलन बनाने की चुनौती को उजागर करती है। एक तरफ सीमांतवासियों की सुरक्षा चिंता है, तो दूसरी तरफ हथियारों के दुरुपयोग का खतरा। फिलहाल इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक सरकारी फैसला नहीं आया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर यह राजनीतिक चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।

 

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0
Admin Mukesh Raika एक अनुभवी पत्रकार और कंटेंट क्रिएटर हैं, जो बिज़नेस, टेक्नोलॉजी, क्रिप्टोकरेंसी और फाइनेंस से जुड़ी ताज़ा खबरों और विश्लेषणों पर गहरी पकड़ रखते हैं। उनकी लेखनी तथ्यात्मक, रिसर्च-बेस्ड और SEO फ्रेंडली होती है, जिससे पाठक विश्वसनीय जानकारी के साथ स्मार्ट निर्णय ले सकते हैं।