बीकानेर

Bank Minimum Balance Rule: मिनिमम बैलेंस ना रखने पर नहीं कटेंगे पैसे, जानिए नए नियम

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नई दिल्ली: बैंक में अकाउंट होने का मतलब कई तरह की जिम्मेदारियों के साथ आता है, जिनमें सबसे बड़ी होती है ‘मिनिमम बैलेंस’ रखने की बाध्यता। लेकिन अब इस नियम में बड़ा बदलाव हो सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, RBI और वित्त मंत्रालय मिलकर देश के बैंकिंग सिस्टम को और अधिक inclusive और customer-friendly बनाने की तैयारी में हैं।

क्या है वर्तमान नियम?

इस समय देश के लगभग सभी बड़े बैंक—SBI, PNB, HDFC, ICICI, Axis आदि—अपने सेविंग्स अकाउंट में एक निश्चित मिनिमम बैलेंस बनाए रखने की शर्त रखते हैं। यदि ग्राहक इस बैलेंस को बनाए नहीं रख पाता, तो हर महीने उसके अकाउंट से 50 से 750 रुपये तक की पेनल्टी काटी जाती है।

क्या होगा नया बदलाव?

सूत्रों के अनुसार, आने वाले कुछ महीनों में एक पैन-इंडिया बैंकिंग फ्रेमवर्क लाने की योजना है, जिसमें ‘मिनिमम बैलेंस’ जैसी बाध्यता को हटाया जा सकता है या Zero Balance सुविधा को सभी सेविंग्स अकाउंट में लागू किया जा सकता है। इसका सबसे बड़ा फायदा उन ग्राहकों को होगा जो ग्रामीण क्षेत्रों में हैं या अस्थायी रूप से नौकरी बदलने या आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं।

किन बैंकों में हो सकता है बदलाव?

  • भारतीय स्टेट बैंक (SBI)
  • पंजाब नेशनल बैंक (PNB)
  • बैंक ऑफ बड़ौदा
  • HDFC बैंक
  • ICICI बैंक
  • Axis बैंक

हालांकि निजी बैंकों में इसे लागू करना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन जनधन योजना जैसी योजनाओं की तर्ज पर सरकार इसे सबके लिए अनिवार्य बना सकती है।

ग्राहकों को क्या लाभ होंगे?

  • महीने के अंत में बैलेंस ना होने पर भी पैसे नहीं कटेंगे।
  • आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को राहत।
  • छात्रों, बेरोजगारों और ग्रामीण नागरिकों को सीधी सुविधा।
  • बैंकों में ग्राहकों की संख्या बढ़ेगी और डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा मिलेगा।

कब से लागू हो सकता है नया नियम?

फिलहाल यह प्रस्ताव विचाराधीन है और RBI जुलाई 2025 के अंत तक इस पर अंतिम फैसला ले सकती है। इसके बाद बैंकों को निर्देश भेजे जाएंगे कि वे इस नए नियम को चरणबद्ध तरीके से लागू करें।

क्या बोले वित्त विशेषज्ञ?

“मिनिमम बैलेंस की बाध्यता खत्म करना एक साहसी कदम होगा जो भारत की वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) को आगे बढ़ाएगा।”
– अजय सेठ, आर्थिक मामलों के सचिव

अभी इस प्रस्ताव पर सार्वजनिक राय भी ली जा रही है, और संभव है कि सरकार इस फैसले से पहले एक ऑनलाइन पोर्टल पर सुझाव भी आमंत्रित करे।

अगर आप भी महीने के अंत में अकाउंट बैलेंस की चिंता करते हैं, तो यह खबर आपके लिए राहत की सांस जैसी है। Bank Minimum Balance Rule में बदलाव से करोड़ों ग्राहकों को फायदा होगा। अब देखना ये होगा कि यह नया नियम कब तक लागू होता है और किन शर्तों के साथ।

आपका क्या विचार है इस नियम पर? नीचे कमेंट में जरूर बताएं।

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