डीएपी खाद वितरण में बड़ा घोटाला! 183 टोकन में गड़बड़ी, दंतौर समिति का लाइसेंस सस्पेंड
खाजूवाला। बीकानेर जिले के दंतौर क्षेत्र में डीएपी उर्वरक वितरण को लेकर बड़ी अनियमितताएं सामने आई हैं। कृषि विभाग ने कार्रवाई करते हुए दंतौर स्थित क्रय-विक्रय सहकारी समिति लिमिटेड का उर्वरक पंजीयन प्रमाण पत्र तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार), जिला परिषद बीकानेर की ओर से जारी आदेश के अनुसार भारतीय किसान संघ राजस्थान प्रदेश की शिकायत के बाद विभागीय जांच करवाई गई थी।
जांच में सामने आईं कई गंभीर गड़बड़ियां
25 मई 2026 को जांच दल ने समिति में डीएपी वितरण से जुड़े रिकॉर्ड, बिल बुक, वितरण सूची, आधार कार्ड और पीओएस मशीन की जांच की।
जांच रिपोर्ट में सामने आया कि कुल 183 टोकन जारी किए गए थे, जिनमें से 13 टोकन डुप्लीकेट पाए गए। यानी कुछ किसानों को दो बार लाभ दिए जाने की संभावना सामने आई।
ऑफलाइन बिल और ऑनलाइन रिकॉर्ड में अंतर
जांच में 28 किसानों के बिल ऑफलाइन काटे गए, लेकिन उनका रिकॉर्ड पीओएस मशीन में ऑनलाइन दर्ज नहीं मिला। वहीं 8 किसानों के नाम ऑनलाइन रिकॉर्ड में मिले, लेकिन उनके ऑफलाइन बिल नहीं पाए गए।
किसानों को बराबर डीएपी वितरण नहीं करने का आरोप
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि डीएपी वितरण में समान नीति का पालन नहीं किया गया। कुछ किसानों को 5-5 बैग डीएपी दिए गए, जबकि कई किसानों को केवल 3-3 बैग ही मिले।
जांच रिपोर्ट के अनुसार कुछ किसानों को अधिक मात्रा में खाद दिया गया, जबकि करीब 110 किसानों को 3-3 बैग वितरण किया गया।
कृषि विभाग ने निलंबित किया लाइसेंस
कृषि विभाग ने इन अनियमितताओं को उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 और विभागीय दिशा-निर्देशों का उल्लंघन मानते हुए समिति का उर्वरक पंजीयन प्रमाण पत्र संख्या AD-BKN-FERT-28 निलंबित कर दिया।
समिति प्रबंधन को 7 दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर लाइसेंस स्थायी रूप से निरस्त किया जा सकता है।
निलंबन अवधि में बिक्री पर रोक
आदेश के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान समिति केंद्र से उर्वरक की बिक्री और स्टॉक का परिवहन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
मामले में कृषि विभाग आगे की कार्रवाई कर रहा है।