राजस्थान में 300 महात्मा गांधी स्कूलों को लेकर बड़ा फैसला
जयपुर: नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत के साथ राजस्थान सरकार ने महात्मा गांधी राजकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। शिक्षा विभाग ने प्रदेश के करीब 300 कम नामांकन वाले महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों को दोबारा हिंदी माध्यम में संचालित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
7 दिन में मांगी गई रिपोर्ट
माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) को निर्देश दिए हैं कि वे सात कार्य दिवस के भीतर कम नामांकन वाले विद्यालयों की विस्तृत रिपोर्ट और प्रस्ताव भेजें। रिपोर्ट में विद्यालयों की आवश्यकता, नामांकन और स्थानीय परिस्थितियों का उल्लेख करना होगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
शिक्षा विभाग का मानना है कि कई क्षेत्रों में अभिभावकों की प्राथमिकता अभी भी हिंदी माध्यम है। ऐसे में कम नामांकन वाले अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों को हिंदी माध्यम में बदलने से संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और विद्यार्थियों की संख्या बढ़ सकती है।
शिक्षकों के तबादलों पर भी पड़ेगा असर
यह निर्णय ऐसे समय आया है जब राज्य सरकार ने शिक्षकों के तबादलों पर लगी रोक हटा दी है। माध्यम परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन विद्यालयों में स्टाफ पुनर्संरचना और शिक्षकों के तबादलों पर भी असर पड़ सकता है।
रिपोर्ट में मांगी गई ये 5 जानकारियां
- अंग्रेजी से हिंदी माध्यम में परिवर्तन का औचित्य
- वर्तमान एवं पिछले वर्षों का कक्षावार नामांकन
- आसपास स्थित हिंदी और अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों की दूरी
- विद्यालय में संचालित संकाय और विषय
- क्षेत्र में पहले से संचालित अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों की स्थिति
डीईओ ने क्या कहा?
डीईओ (माध्यमिक) किशन दान चारण ने बताया कि शिक्षा निदेशालय की ओर से कम नामांकन वाले महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों की जानकारी मांगी गई है। संबंधित सीबीईओ से रिपोर्ट लेकर सात दिन के भीतर सूचना भेजी जाएगी।