नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार रात 12 बजे देश के छात्रों के नाम वीडियो संदेश जारी कर पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून लाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सरकार पेपर लीक मामलों में कठोर सजा का प्रावधान करने वाला नया कानून लाएगी। इस संबंध में तैयार मसौदे पर शुक्रवार को केंद्रीय कैबिनेट में चर्चा होगी और मंजूरी मिलने के बाद अगले सप्ताह संसद में विधेयक पेश किया जाएगा।
PM बोले- पेपर लीक से छात्रों का भविष्य नहीं होने देंगे बर्बाद
करीब 2 मिनट 56 सेकंड के वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पेपर लीक कोई मामूली अपराध नहीं है, बल्कि यह लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई महीनों में सरकार ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और लाखों छात्रों का भविष्य बचाने के लिए समय पर परीक्षा और परिणाम भी जारी किए गए।
फास्ट ट्रैक कोर्ट और सख्त सजा का होगा प्रावधान
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार केवल गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं रहेगी। पेपर लीक मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे और दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए कठोर कानूनी प्रावधान किए जाएंगे।
राहुल गांधी ने उठाए सवाल
प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि छात्र शिक्षा मंत्री को हटाने, छात्रों पर हुई कार्रवाई के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और सरकार से माफी की मांग कर रहे हैं।
सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में भी किया बड़ा फेरबदल
इसी बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़े प्रशासनिक बदलाव किए हैं। उच्च शिक्षा विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग के सचिवों का तबादला करते हुए नए अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
क्या है एंटी पेपर लीक कानून?
लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 देश का पहला केंद्रीय एंटी-पेपर लीक कानून है। इसके तहत पेपर लीक करने वालों के लिए 3 से 5 वर्ष तक की जेल और 10 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। संगठित गिरोह के मामलों में 5 से 10 वर्ष तक की सजा और 1 करोड़ रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
सरकार का कहना है कि नए संशोधनों और प्रस्तावित कानून के जरिए परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाया जाएगा।