बीकानेर। बीकानेर पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बुधवार को दो बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ओर संगठित अपराधियों की करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति फ्रीज की, वहीं दूसरी ओर अंतरराज्यीय नार्को-आर्म्स सिंडिकेट के मुख्य सरगना एवं 75 हजार रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
1.18 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति फ्रीज
पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन “नीलकंठ” के तहत सदर थाना पुलिस ने बीएनएस की धारा 68F के अंतर्गत हिस्ट्रीशीटर सत्तार अली उर्फ सत्तार मुट्टा एवं उसके परिजनों की अवैध रूप से अर्जित संपत्ति फ्रीज करने की कार्रवाई की।
पुलिस के अनुसार फतेहपुरा स्थित दो मकानों की अनुमानित कीमत 1 करोड़ 10 लाख रुपये तथा बैंक खाते में जमा 8 लाख 49 हजार 305 रुपये सहित कुल 1 करोड़ 18 लाख 49 हजार 305 रुपये की संपत्ति फ्रीज की गई। आरोपी एवं उसके परिवार के खिलाफ कुल 46 आपराधिक मामले दर्ज हैं। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस जाब्ता तैनात रहा।
75 हजार का इनामी नार्को-आर्म्स सिंडिकेट का मास्टरमाइंड गिरफ्तार
बीकानेर पुलिस की साइबर सेल, जिला स्पेशल टीम (DST) और खाजूवाला थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने 75 हजार रुपये के इनामी आरोपी राकेश प्रजापत को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर बीकानेर रेंज की ओर से 50 हजार रुपये तथा पाली पुलिस की ओर से 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ राजस्थान, पंजाब, गोवा और कर्नाटक सहित विभिन्न राज्यों में 22 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह हाल ही में 75 करोड़ रुपये की हेरोइन बरामदगी तथा खाजूवाला नार्को-आर्म्स ड्रोन ड्रॉपिंग मामले का मास्टरमाइंड भी बताया जा रहा है।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी अंतरराष्ट्रीय नार्को-आर्म्स सिंडिकेट से जुड़ा हुआ था और लंबे समय से मादक पदार्थों एवं अवैध हथियारों की तस्करी में सक्रिय था। वह अलग-अलग राज्यों में फर्जी पहचान बनाकर फरार चल रहा था। पुलिस ने विश्वसनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया।
बीकानेर पुलिस ने बताया कि अपराधियों, मादक पदार्थ तस्करों और संगठित अपराध के खिलाफ विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।