बीकानेर

न लिंक आया, न OTP पूछा… फिर PhonePe से उड़ गए ₹1.58 लाख, खाते में छोड़े सिर्फ ₹9!

न लिंक आया, न OTP पूछा… फिर PhonePe से उड़ गए ₹1.58 लाख, खाते में छोड़े सिर्फ ₹9!

बीकानेर। साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, लेकिन बीकानेर के मुक्ताप्रसाद नगर में सामने आया मामला हैरान करने वाला है। यहां एक रेल कर्मचारी के मोबाइल पर ना कोई संदिग्ध लिंक आया, ना किसी ने OTP पूछा और ना ही बैंक खाते से जुड़ी कोई जानकारी मांगी गई। इसके बावजूद उसके बैंक खाते से दो बार में 1 लाख 58 हजार 700 रुपए निकाल लिए गए।

बिना OTP और लिंक के खाते से निकल गए पैसे

मुक्ताप्रसाद नगर में किराये के मकान में रहने वाले धर्मसिंह मीणा रेलवे में टेक्निशियन के पद पर कार्यरत हैं। वह मूल रूप से अलवर जिले की लक्ष्मणगढ़ तहसील के निठारी गांव के रहने वाले हैं। उनका एसबीआई में बैंक खाता है।

धर्मसिंह के अनुसार 3 और 4 सितंबर को उनके मोबाइल पर ना कोई लिंक आया और ना ही किसी व्यक्ति ने उनसे OTP या बैंक खाते की जानकारी मांगी। इसके बावजूद उनके खाते से दो अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए 99,000 रुपए और 59,700 रुपए निकाल लिए गए।

5 सितंबर को मैसेज देखा तो हुआ खुलासा

धर्मसिंह ने 5 सितंबर को मोबाइल पर बैंक के मैसेज देखे तो उन्हें खाते से रकम निकलने की जानकारी मिली। जांच करने पर पता चला कि PhonePe के जरिए 99,000 और 59,700 रुपए अनिकेत और विक्रम के खातों में ट्रांसफर हुए हैं।

मोबाइल हैक होने की आशंका

पीड़ित का कहना है कि 3 और 4 सितंबर को उसका मोबाइल हैक हो गया था। आशंका है कि साइबर ठगों ने मोबाइल तक पहुंच बनाकर PhonePe के जरिए बैंक खाते से रकम ट्रांसफर कर दी। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिना OTP या अन्य जानकारी लिए ठगों को UPI PIN और खाते में मौजूद रकम की जानकारी कैसे मिली।

खाते में सिर्फ ₹9 छोड़े

पीड़ित के मुताबिक साइबर ठगों को उसके बैंक खाते में मौजूद रकम की जानकारी थी। खाते में करीब ₹1,58,709 थे और ठगों ने दो ट्रांजैक्शन में कुल ₹1,58,700 निकाल लिए। इसके बाद खाते में सिर्फ ₹9 शेष रह गए।

मुक्ताप्रसाद थाने में मामला दर्ज

घटना की शिकायत के बाद मुक्ताप्रसाद थाना पुलिस ने साइबर ठगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच एएसआई ललित सिंह को सौंपी गई है। पुलिस PhonePe ट्रांजैक्शन और रकम जिन खातों में गई है, उनकी जानकारी के आधार पर जांच कर रही है।

पीड़ित की ओर से इस मामले में बैंक में भी शिकायत देने की तैयारी की जा रही है। अब पुलिस के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि साइबर ठगों ने मोबाइल और UPI तक कैसे पहुंच बनाई तथा उन्हें खाते में मौजूद रकम की जानकारी कैसे मिली।

साइबर ठगी में बढ़ी चिंता

इस मामले में OTP या लिंक साझा किए बिना रकम निकलने की बात सामने आने से डिजिटल भुगतान की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि मोबाइल हैक होने की आशंका जताई गई है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

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