बीकानेर पुलिस ने पाकिस्तान से संचालित हथियार तस्करी नेटवर्क का किया खुलासा
बीकानेर: भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे खाजूवाला क्षेत्र में पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए अवैध हथियार गिराने के मामले में बीकानेर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस संगठित हथियार तस्करी सिंडिकेट से जुड़े तीन और आरोपियों को गिरफ्तार कर सीमा पार संचालित नेटवर्क का बड़ा खुलासा किया है। आरोपियों का सीधा संपर्क मुख्य हैंडलर सोनू उर्फ सुखविंदर से था, जो उन्हें ड्रोन से गिराए गए हथियारों की खेप उठाने के लिए सटीक जीपीएस लोकेशन और निर्देश उपलब्ध कराता था।
27 फरवरी की ड्रोन ड्रॉपिंग घटना से जुड़ा मामला
पुलिस महानिरीक्षक बीकानेर रेंज ओमप्रकाश तथा जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के निर्देशन में थाना खाजूवाला में दर्ज अभियोग संख्या 69/2026 की जांच सहायक पुलिस अधीक्षक अनुष्ठा कालिया कर रही हैं। यह मामला 27 फरवरी 2026 को पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से हथियार गिराए जाने के बाद दर्ज किया गया था। इस मामले में पहले ही 9 मई 2026 को आरोपी मुखविंद्र सिंह उर्फ मोनू को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो फिलहाल न्यायिक अभिरक्षा में है।
पंजाब और मोहाली से दबोचे गए आरोपी
जांच के दौरान पुलिस ने करण सिंह को पंजाब के जलालाबाद तथा गुरकीरत सिंह को मोहाली से गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी मुख्य हैंडलर सोनू उर्फ सुखविंदर के निर्देश पर ‘फुट सोल्जर्स’ के रूप में काम करते थे। इनका काम ड्रोन से सीमा क्षेत्र में गिराए गए हथियारों के पेलोड को तय स्थान से उठाकर नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचाना था।

जांच में यह भी सामने आया कि करण सिंह की मुलाकात सोनू उर्फ सुखविंदर से फरीदकोट जेल में हुई थी, जबकि गुरकीरत सिंह का संपर्क अपने ससुराल के जरिए श्रीगंगानगर के घड़साना क्षेत्र में स्थापित हुआ था। दोनों को ड्रोन से गिराए गए पेलोड की सटीक जीपीएस लोकेशन भेजी जाती थी, जिससे वे बिना किसी चूक के खेप उठा सकें।
रिश्तेदार की भूमिका भी आई सामने
अनुसंधान के दौरान मुख्य हैंडलर सोनू उर्फ सुखविंदर के रिश्तेदार अवतार सिंह की भूमिका भी सामने आई। पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ कर रही है। उसके अन्य संपर्कों और पूरे नेटवर्क में उसकी भूमिका की गहन जांच जारी है।
आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी मिला
पुलिस जांच में गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। आरोपी करण सिंह के खिलाफ पंजाब में एनडीपीएस एक्ट के दो मुकदमे दर्ज हैं। गुरकीरत सिंह भी पहले ड्रोन ड्रॉपिंग की घटनाओं में शामिल रह चुका है, जबकि उसके रिकॉर्ड का सत्यापन जारी है। वहीं अवतार सिंह के खिलाफ श्रीगंगानगर जिले में एनडीपीएस एक्ट, चोरी और विद्युत अधिनियम के तहत मामले दर्ज हैं।
सीमा पार तस्करी नेटवर्क को लगा बड़ा झटका
पुलिस का कहना है कि चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ पाकिस्तान से संचालित हथियार तस्करी सिंडिकेट का बड़ा हिस्सा उजागर हुआ है। इस कार्रवाई से देश की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए खतरा बनने वाली गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। पुलिस अब नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों और उनकी भूमिका की भी गहन जांच कर रही है।
इन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
- करण सिंह (27), निवासी सुखेरा बोदला, जिला फाजिल्का (पंजाब)
- गुरकीरत सिंह (33), निवासी सीड फार्म पक्का, जिला फाजिल्का (पंजाब)
- अवतार सिंह (28), निवासी घड़साना, जिला श्रीगंगानगर (राजस्थान)
इन अधिकारियों की रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई का नेतृत्व सहायक पुलिस अधीक्षक अनुष्ठा कालिया ने किया। टीम में एएसआई पेमा राम, बाबूलाल यादव, जगदीश कुमार, महावीर सिंह, हरफूल सहित डीएसटी एवं खाजूवाला थाना पुलिस के जवान शामिल रहे। आरोपी करण सिंह और गुरकीरत सिंह की गिरफ्तारी में एएसआई बाबूलाल यादव, एएसआई महावीर सिंह तथा कांस्टेबल हरफूल की विशेष भूमिका रही।