महापौर चुनाव में 51+ का दावा, शेखावत ने अनिल कल्ला को दी खुली बहस की चुनौती
बीकानेर। नगर निगम महापौर चुनाव को लेकर सियासी हलचल लगातार तेज हो रही है। भाजपा से डॉ. सुरेंद्र सिंह शेखावत और कांग्रेस से अनिल कल्ला मैदान में हैं। कांग्रेस के पास 42 पार्षद हैं, जबकि भाजपा के पास 27 पार्षद हैं। महापौर चुनाव में बहुमत के लिए 41 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। इसके बावजूद भाजपा प्रत्याशी की लगातार सामने आ रही सोशल मीडिया पोस्ट ने मुकाबले को चर्चा में ला दिया है।
8 निर्दलीयों की तस्वीर के बाद अब 51+ की पोस्ट
शेखावत ने शनिवार को सोशल मीडिया पर आठ निर्दलीय पार्षदों की तस्वीर साझा की थी। इसके बाद महापौर चुनाव में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। अब रविवार सुबह शेखावत की ओर से ‘51+’ की पोस्ट साझा की गई। इस पोस्ट के जरिए उन्होंने अपने पक्ष में समर्थन का संकेत दिया है।
इसके कुछ देर बाद शेखावत लाइव आए और महापौर चुनाव को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी अनिल कल्ला को अपना मित्र और भाई बताते हुए कहा कि दोनों के लंबे समय से अच्छे संबंध रहे हैं।
‘महापौर ऐसा हो जिसके पास विजन हो’
लाइव के दौरान शेखावत ने कहा कि अब बीकानेर को महापौर का चयन करना है। उनके अनुसार ऐसे व्यक्ति का चयन होना चाहिए जिसके पास शहर के विकास का विजन हो और सरकार से विकास के लिए पैसा लाने की क्षमता हो।
उन्होंने अनिल कल्ला को बीकानेर के विकास को लेकर अपना विजन डॉक्युमेंट पेश करने की चुनौती भी दी। शेखावत ने कहा कि जरूरत हो तो दोनों के बीच लाइव बहस भी हो सकती है और उन्होंने इसके लिए चुनौती दी।
‘स्थानीय निकाय चुनाव दलों से ऊपर उठकर होते हैं’
शेखावत ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव राजनीतिक दलों से ऊपर उठकर भी होते हैं। उन्होंने कहा कि इस बार बीकानेर के लोगों ने 10 निर्दलीय पार्षदों को चुना है।
उन्होंने सभी 80 वार्डों के पार्षदों से अपील करते हुए कहा कि चुनाव के दौरान वे वार्डों में गए और लोगों से विकास के वादे किए। अब उन वादों और जनता के देखे सपनों को पूरा करने की जिम्मेदारी पार्षदों की है।
महापौर चुनाव में भाजपा के ‘51+’ दावे के बाद अब कांग्रेस खेमे की प्रतिक्रिया पर भी नजर रहेगी। मतदान 21 सितंबर को होना है और उससे पहले निर्दलीय पार्षदों के रुख को लेकर राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज हैं।