बच्चे अब सवाल नहीं पूछते, जवाब सीधे गूगल से लेते हैं — 2026 में बचपन चुप क्यों होता जा रहा है?

2026 में बच्चे सवाल पूछना कम कर रहे हैं और जवाब सीधे गूगल से ले रहे हैं। जानिए कैसे बदल रही है उनकी सोच और बचपन की आदतें।

Dec 30, 2025 - 08:59
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बच्चे अब सवाल नहीं पूछते, जवाब सीधे गूगल से लेते हैं — 2026 में बचपन चुप क्यों होता जा रहा है?

बच्चे अब सवाल नहीं पूछते, जवाब सीधे गूगल से लेते हैं — 2026 में बचपन चुप क्यों होता जा रहा है?

नई दिल्ली: पहले बच्चे कुछ भी पूछते थे — “मम्मी ये क्यों?” या “पापा वो क्या है?”। आज 2026 में ऐसा कम ही देखने को मिलता है। सवालों की जगह अब छोटे हाथ में स्मार्टफोन और स्क्रीन है। जवाब पाने के लिए वे सीधे गूगल खोल लेते हैं।


बचपन की नई आदत

गुज़रते सालों के साथ बच्चों की जिज्ञासा कम नहीं हुई, बल्कि उनका तरीका बदल गया है। पहले वह बातें पूछकर सीखते थे, अब स्क्रीन पर क्लिक करके। इस बदलाव का असर केवल सीखने की प्रक्रिया पर नहीं, बल्कि उनके सामाजिक और भावनात्मक विकास पर भी पड़ रहा है।


माता-पिता की भूमिका बदल रही है

अक्सर माता-पिता बताते हैं कि बच्चे सवाल कम करते हैं। पहले बच्चों से बातचीत होती थी, अब जवाब स्क्रीन देती है। परिवार के अंदर सवाल-जवाब की संस्कृति धीरे-धीरे खत्म होती जा रही है।


शिक्षा और डिजिटल समय

स्कूलों में टेक्नोलॉजी बढ़ रही है। होमवर्क, प्रोजेक्ट, सामान्य ज्ञान — सब कुछ इंटरनेट पर मिल जाता है। बच्चे अब सोचने से पहले तुरंत जवाब खोजते हैं, जिससे उनकी critical thinking पर असर पड़ सकता है।


क्या माता-पिता कर सकते हैं?

  • दिन में कम से कम 30 मिनट बच्चों के सवालों को सुनें और जवाब दें।
  • खेल-खेल में ज्ञान साझा करें, ताकि curiosity बनी रहे।
  • स्क्रीन टाइम को सीमित करें और बातचीत को बढ़ावा दें।

2026 में बच्चों का बचपन डिजिटल बन गया है। सवाल पूछने की कला धीरे-धीरे कम हो रही है। माता-पिता और शिक्षक यदि समय रहते दिशा दें, तो यह बदलाव सकारात्मक भी बन सकता है।

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Admin Mukesh Raika एक अनुभवी पत्रकार और कंटेंट क्रिएटर हैं, जो बिज़नेस, टेक्नोलॉजी, क्रिप्टोकरेंसी और फाइनेंस से जुड़ी ताज़ा खबरों और विश्लेषणों पर गहरी पकड़ रखते हैं। उनकी लेखनी तथ्यात्मक, रिसर्च-बेस्ड और SEO फ्रेंडली होती है, जिससे पाठक विश्वसनीय जानकारी के साथ स्मार्ट निर्णय ले सकते हैं।