नई दिल्ली। सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 26 अगस्त को सोने की कीमत में गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी महंगी हो गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 704 रुपए घटकर करीब 1.61 लाख रुपए पर पहुंच गया।
वहीं दूसरी ओर चांदी की कीमत में तेजी देखने को मिली। एक किलो चांदी का भाव 1,111 रुपए बढ़कर करीब 2.43 लाख रुपए पहुंच गया। सोने-चांदी के लगातार बदलते दामों के बीच निवेशकों और गहने खरीदने वाले लोगों की नजरें बाजार पर बनी हुई हैं।
इस साल अब तक सोना करीब 29 हजार रुपए महंगा
साल 2026 में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने का भाव करीब 1.33 लाख रुपए था, जो अब बढ़कर करीब 1.61 लाख रुपए तक पहुंच गया है। यानी इस साल सोना करीब 29 हजार रुपए तक महंगा हो चुका है।
चांदी की बात करें तो 31 दिसंबर 2025 को इसका भाव करीब 2.30 लाख रुपए प्रति किलो था, जो अब करीब 2.43 लाख रुपए प्रति किलो पहुंच गया है।
सोना और चांदी बना चुके हैं रिकॉर्ड
इस साल कीमती धातुओं ने रिकॉर्ड स्तर भी छुए हैं। 29 जनवरी को सोने ने करीब 1.76 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी ने करीब 3.86 लाख रुपए प्रति किलो का ऑलटाइम हाई बनाया था। इसके बाद बाजार में मुनाफावसूली और वैश्विक परिस्थितियों के कारण कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहा।
दिसंबर तक और महंगा हो सकता है सोना!
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में सोने की कीमतों में तेजी का रुख बना रह सकता है। केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार सोने की खरीद और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता को इसकी प्रमुख वजह माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुमान के अनुसार दिसंबर तक सोने का भाव करीब 1.70 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। वहीं चांदी में भी तेजी आने की संभावना जताई जा रही है और इसका भाव 3 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है।
सोना खरीदने से पहले इन 3 बातों का रखें ध्यान
1. हॉलमार्क वाला सोना खरीदें: हमेशा BIS हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड सोना ही खरीदें। इससे सोने की शुद्धता की जानकारी मिलती है।
2. कीमत जरूर जांचें: खरीदारी से पहले 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के भाव अलग-अलग स्रोतों से क्रॉस चेक करें।
3. मेकिंग चार्ज पर करें मोलभाव: ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज फिक्स नहीं होता। बड़ी खरीदारी के दौरान ज्वेलर्स से मेकिंग चार्ज कम करने या लेबर कॉस्ट का ब्रेकअप मांगने से बेहतर डील मिल सकती है।
नोट: सोने और चांदी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की स्थिति, मांग और अन्य आर्थिक परिस्थितियों के आधार पर लगातार बदलती रहती हैं। स्थानीय बाजार में कीमतों में अंतर संभव है।