राजस्थान में ठंड का रिकॉर्ड टूट गया: माउंट आबू शून्य पर, 18 जिलों में घना कोहरा और बारिश का डबल अलर्ट

राजस्थान में शीतलहर ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। माउंट आबू में तापमान शून्य पहुंचा, 18 जिलों में घने कोहरे और बारिश का अलर्ट जारी। जानिए किन इलाकों में सबसे ज्यादा खतरा।

Jan 3, 2026 - 11:02
Jan 3, 2026 - 11:03
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राजस्थान में ठंड का रिकॉर्ड टूट गया: माउंट आबू शून्य पर, 18 जिलों में घना कोहरा और बारिश का डबल अलर्ट

राजस्थान में ठंड का रिकॉर्ड टूट गया: माउंट आबू शून्य पर, 18 जिलों में घना कोहरा और बारिश का डबल अलर्ट

नई दिल्ली/जयपुर: राजस्थान में नए साल से पहले मौसम ने करवट ले ली है। शीतलहर, घना कोहरा और बारिश—तीनों का असर एक साथ देखने को मिल रहा है। प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू शून्य डिग्री सेल्सियस पर पहुंच चुका है, जबकि कई जिलों में विजिबिलिटी लगभग खत्म हो गई है।

माउंट आबू में पारा शून्य, ठंड का चरम

मौसम विभाग के मुताबिक, माउंट आबू में न्यूनतम तापमान 0 डिग्री रिकॉर्ड किया गया है। सर्द हवाओं और नमी के कारण ठंड का असर सामान्य से कहीं ज्यादा महसूस किया जा रहा है। पहाड़ी इलाकों में पाला पड़ने की आशंका भी जताई गई है।

18 जिलों में घने कोहरे का येलो अलर्ट

मौसम विभाग ने राजस्थान के कई हिस्सों में घने कोहरे को लेकर चेतावनी जारी की है। अलवर, दौसा, डीग, धौलपुर, भरतपुर, जयपुर, झुंझुनूं, करौली, सीकर, बीकानेर, चूरू, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ समेत कुल 18 जिलों में विजिबिलिटी शून्य तक गिर सकती है।

बारिश और मावठ से बढ़ी ठिठुरन

पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और मावठ देखने को मिली है। मौसम विभाग का कहना है कि आज भी कुछ इलाकों में बूंदाबांदी हो सकती है, जिससे ठंड और ज्यादा बढ़ेगी।

तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव

बीते 24 घंटे में जैसलमेर में न्यूनतम तापमान 7.7 डिग्री, बीकानेर में 7.8, अजमेर में 9.9 और अलवर में 10 डिग्री दर्ज किया गया। राजधानी जयपुर में अधिकतम तापमान 21 और न्यूनतम 11.8 डिग्री रहा, लेकिन घना कोहरा चिंता का कारण बना हुआ है।

मौसम विभाग की एडवाइजरी

  • वाहन 30 किमी/घंटा से अधिक गति पर न चलाएं
  • कोहरे में फॉग लाइट का प्रयोग करें
  • सांस संबंधी दिक्कत से बचने के लिए मास्क पहनें
  • बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाएं

आने वाले दिनों में क्या?

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले 48 घंटे राजस्थान के लिए बेहद संवेदनशील हैं। ठंड, कोहरा और बारिश का यह कॉम्बिनेशन जनजीवन को प्रभावित कर सकता है।

निष्कर्ष: राजस्थान में सर्दी अब सिर्फ मौसम नहीं, बल्कि खतरा बनती जा रही है। ऐसे में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

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Admin Mukesh Raika एक अनुभवी पत्रकार और कंटेंट क्रिएटर हैं, जो बिज़नेस, टेक्नोलॉजी, क्रिप्टोकरेंसी और फाइनेंस से जुड़ी ताज़ा खबरों और विश्लेषणों पर गहरी पकड़ रखते हैं। उनकी लेखनी तथ्यात्मक, रिसर्च-बेस्ड और SEO फ्रेंडली होती है, जिससे पाठक विश्वसनीय जानकारी के साथ स्मार्ट निर्णय ले सकते हैं।