अब हर गांव जान सकेगा: राजस्थान में सरपंच को कितनी सैलरी और विकास फंड मिलता है
राजस्थान में सरपंचों को अप्रैल 2025 से हर महीने 6,072 रुपये मानदेय मिलता है। जानिए विकास फंड, अधिकार और चुनाव के लिए जरूरी शर्तें।
राजस्थान में सरपंच बनने की होड़ क्यों? जानिए सैलरी, अधिकार और ताकत
राजस्थान में पंचायती राज चुनावों की तैयारी शुरू हो चुकी है। आने वाले महीनों में पंचायतों और जिला परिषदों के चुनाव प्रस्तावित हैं। इस बीच आम लोगों का सबसे बड़ा सवाल है: सरपंच को कितनी सैलरी मिलती है और उसके अधिकार क्या हैं?
सरपंच की मासिक सैलरी
अप्रैल 2025 से राजस्थान के सरपंचों को हर महीने 6,072 रुपये मानदेय मिलता है। पहले यह 4,800 रुपये था। 2024 और 2025 में इसमें क्रमशः 15% और 10% की बढ़ोतरी की गई थी।
विकास कार्यों के लिए फंड
सरपंच केवल सैलरी तक सीमित नहीं हैं। उन्हें गांव के विकास कार्यों के लिए अलग सरकारी फंड भी मिलता है। यह राशि मुख्य रूप से:
- 15वें वित्त आयोग
- राज्य वित्त आयोग
के तहत आती है। इस फंड से सड़कों, नालियों, पानी, रोशनी और अन्य विकास कार्य कराए जा सकते हैं। जानकारी के अनुसार, वे लगभग 10 लाख रुपये तक के विकास कार्यों को मंजूरी दे सकते हैं।
चुनाव में कौन बन सकता है सरपंच?
- आवेदक की उम्र कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए
- उसे उसी ग्राम पंचायत का स्थायी निवासी होना चाहिए
- मतदाता सूची में नाम दर्ज होना चाहिए
क्यों है सरपंच पद सबसे चर्चित?
सरपंच को ग्राम स्तर पर स्थानीय सरकार का चेहरा माना जाता है। वह विकास कार्यों का निर्णयकर्ता और प्रशासन व जनता के बीच सेतु होता है। यही कारण है कि हर चुनाव में यह पद सबसे ज्यादा चर्चा में रहता है।
रिपोर्ट: Abtak Bharat Digital Desk
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