राजस्थान

Indira Gandhi Canal Water Dispute: पंजाब-राजस्थान आमने-सामने, 1.44 लाख करोड़ की मांग पर बढ़ा विवाद

[ad_1]


जयपुर: इंदिरा गांधी नहर (राजस्थान फीडर) के पानी को लेकर पंजाब और राजस्थान सरकार आमने-सामने आ गई हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राजस्थान पर 1.44 लाख करोड़ रुपए का बकाया होने का दावा किया है, जबकि राजस्थान सरकार ने इस मांग को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

पंजाब का दावा: 1920 के समझौते का हवाला

पंजाब सरकार का कहना है कि 1920 में हुए समझौते के तहत राजस्थान को बीकानेर और श्रीगंगानगर तक पानी देने के बदले फीस तय थी, जिसका भुगतान 1960 तक किया गया। इसके बाद राजस्थान ने भुगतान बंद कर दिया, जबकि पानी लेना जारी रखा।

राजस्थान का जवाब: पानी राष्ट्रीय संसाधन

राजस्थान सरकार ने स्पष्ट किया है कि अंतरराज्यीय नदी जल राष्ट्रीय संसाधन है और इस पर किसी भी राज्य का स्वामित्व नहीं हो सकता। 1955 और 1981 के जल बंटवारा समझौतों के तहत राजस्थान को विधिसम्मत जल आवंटन हुआ है।

कानूनी और राजनीतिक विवाद बढ़ा

दोनों राज्यों के बीच इस मुद्दे ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। पंजाब ने बैठक के लिए पत्र लिखा है, जबकि राजस्थान ने इसे कानूनी रूप से निराधार बताया है।

क्या केंद्र करेगा हस्तक्षेप?

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विवाद बढ़ता है तो केंद्र सरकार और केंद्रीय जल आयोग को इसमें हस्तक्षेप करना पड़ सकता है।

देशभर पर पड़ सकता है असर

यदि पानी पर रॉयल्टी का सिद्धांत लागू होता है तो इससे अन्य राज्यों में भी जल विवाद बढ़ सकते हैं, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।

[ad_2]

Single Post Ad AreaRecommended Size: 728x90, 336x280 or responsive in-articlePaste Google AdSense code here