Bikaner News: टीसी जारी करने के आदेश पर विरोध, कोर्ट जाने की चेतावनी
Bikaner में टीसी आदेश पर निजी स्कूल संचालकों का विरोध, कोर्ट जाने की चेतावनी
प्रकाशित: 20 सितंबर 2025 | Bikaner News
बीकानेर। शनिवार, 20 सितंबर 2025 को बीकानेर में शिक्षा व्यवस्था को लेकर तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली, जब अखिल भारतीय स्कूल शिक्षा परिवार ने शिक्षा निदेशक द्वारा जारी एक विवादास्पद आदेश के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। निजी स्कूल संचालकों ने मुख्य ब्लॉक शिक्षा कार्यालय के बाहर एकत्र होकर अपनी नाराजगी जताई और शिक्षा निदेशक प्रारम्भिक एवं माध्यमिक बीकानेर के नाम सीबीईओ को एक सूत्री मांग का ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन सुबह 10:30 बजे से शुरू हुआ और इसमें शहरभर के निजी स्कूल संचालक और उनके प्रतिनिधि शामिल रहे।
बकाया फीस के बावजूद टीसी जारी करने का आदेश
प्रदर्शन का मुख्य कारण शिक्षा निदेशक का आदेश था जिसमें फीस बकाया रहने के बावजूद ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) जारी करने का निर्देश दिया गया। निजी स्कूल संचालकों का तर्क था कि इस आदेश के पालन से उनके स्टाफ के वेतन और स्कूल के वित्तीय संचालन पर गंभीर असर पड़ेगा। संगठन ने मांग की कि यह आदेश तत्काल निरस्त किया जाए, क्योंकि यह निजी और सरकारी स्कूलों के लिए अलग-अलग नियम लागू करने जैसा है और शिक्षा व्यवस्था में असमानता को बढ़ावा देता है।
भंवरलाल उपाध्याय, अध्यक्ष अखिल भारतीय स्कूल शिक्षा परिवार, ने कहा, “यह निर्णय न केवल संचालकों के हितों के खिलाफ है, बल्कि शिक्षा क्षेत्र में अनुचित दबाव भी पैदा कर रहा है। हमारी मांग है कि शिक्षा निदेशक इस आदेश को वापस लें और निजी स्कूल संचालकों को राहत प्रदान करें।”
कोर्ट जाने की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान भंवरलाल उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि यदि शिक्षा निदेशक ने आदेश को वापस नहीं लिया, तो संगठन कोर्ट का रास्ता अपनाएगा। इस दौरान प्रभारी राजेंद्र पालीवाल, सचिव जयप्रकाश सहित कई पदाधिकारी और निजी स्कूल संचालक मौजूद थे। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल आर्थिक समस्या नहीं है, बल्कि शिक्षा क्षेत्र में संचालकों और स्टाफ के अधिकारों से जुड़ा है।
एकजुटता और साझा रणनीति
विरोध प्रदर्शन में शामिल संचालकों ने एकजुट होकर अपनी मांगों को दोहराया और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपील की। सभी ने यह संदेश स्पष्ट किया कि निजी स्कूल संचालक शिक्षा नीति के निर्णयों के साथ न्याय और समानता की उम्मीद करते हैं। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि यदि उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो संगठन आने वाले दिनों में और बड़े स्तर पर आंदोलन कर सकता है।
शिक्षा विभाग पर दबाव
विशेषज्ञों का कहना है कि यह विरोध प्रदर्शन निजी स्कूल संचालकों और शिक्षा विभाग के बीच बढ़ते तनाव का संकेत है। पिछले कुछ वर्षों में शिक्षा नीति में कई बदलाव हुए हैं, जिनमें फीस, टीसी जारी करने के नियम और सरकारी निरीक्षण की प्रक्रिया शामिल है। इन नीतियों का प्रभाव सीधे निजी स्कूलों की आर्थिक स्थिति और शिक्षकों के वेतन पर पड़ता है। इस प्रदर्शन के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शिक्षा विभाग किस तरह से स्कूल संचालकों के साथ संवाद स्थापित करता है और आदेशों में बदलाव लाता है।
नागरिकों और अभिभावकों की प्रतिक्रिया
स्थानीय अभिभावकों और विद्यार्थियों के माता-पिता ने भी प्रदर्शन पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। कई अभिभावकों ने कहा कि निजी स्कूल संचालक शिक्षकों के वेतन और संचालन को लेकर गंभीर हैं, इसलिए उन्हें उचित निर्णय लेने की आवश्यकता है। वहीं कुछ अभिभावकों का कहना था कि टीसी जारी करने में देरी बच्चों के शिक्षा मार्ग को प्रभावित कर सकती है।
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