Carbon Credit Scheme: खेती से भी होगी कमाई, जानिए कैसे मिलेगा हर साल अतिरिक्त पैसा
Carbon Credit Scheme के तहत किसान और जमीन मालिक अब पर्यावरण संरक्षण के बदले पैसा कमा सकते हैं। जानिए योजना क्या है, कैसे रजिस्ट्रेशन करें और कमाई कैसे होगी।
नई दिल्ली. खेती अब सिर्फ अनाज और फसल तक सीमित नहीं रही। बदलते समय के साथ किसानों के लिए कमाई के नए रास्ते खुल रहे हैं। इन्हीं में से एक है कार्बन क्रेडिट योजना, जिसे भविष्य की सबसे बड़ी आय योजनाओं में गिना जा रहा है। इस योजना के तहत किसान पर्यावरण को बचाने के बदले हर साल अतिरिक्त पैसा कमा सकते हैं।
कार्बन क्रेडिट योजना क्या है? (Zero Level समझिए)
कार्बन क्रेडिट दरअसल एक तरह का प्रमाण होता है, जो यह बताता है कि आपने कार्बन प्रदूषण कम करने में योगदान दिया है। जब कोई किसान पेड़ लगाता है, रसायनों का कम इस्तेमाल करता है या मिट्टी में कार्बन को संरक्षित करता है, तो वह वातावरण के लिए फायदेमंद काम करता है।
इसी अच्छे काम के बदले उसे Carbon Credit मिलता है, जिसे बड़ी कंपनियां खरीदती हैं क्योंकि उन्हें भी अपने प्रदूषण की भरपाई करनी होती है।
कार्बन क्रेडिट क्यों खरीदा जाता है?
आज दुनिया भर में बड़ी कंपनियों पर यह दबाव है कि वे प्रदूषण कम करें। लेकिन हर कंपनी ऐसा सीधे नहीं कर पाती। ऐसे में वे उन लोगों से Carbon Credit खरीदती हैं, जिन्होंने प्रदूषण कम किया है।
- विदेशी कंपनियां
- ऊर्जा कंपनियां
- मैन्युफैक्चरिंग यूनिट
- एयरलाइन और इंडस्ट्री
ये सभी कंपनियां किसानों से मिलने वाले कार्बन क्रेडिट को खरीदती हैं।
किसानों को कार्बन क्रेडिट कैसे मिलता है?
अब सवाल आता है कि किसान आखिर ऐसा क्या करें जिससे उन्हें कार्बन क्रेडिट मिले। इसके कुछ आसान तरीके हैं:
- पेड़ लगाना और उनकी देखभाल करना
- जैविक या प्राकृतिक खेती अपनाना
- कम रासायनिक खाद और कीटनाशक का उपयोग
- फसल अवशेष (पराली) न जलाना
- मिट्टी में कार्बन संरक्षित करने वाली खेती
कौन-कौन किसान इस योजना का लाभ ले सकता है?
यह योजना सिर्फ बड़े किसानों के लिए नहीं है। छोटे किसान भी इसका लाभ ले सकते हैं।
- छोटे और सीमांत किसान
- मध्यम किसान
- जमीन मालिक
- FPO (किसान उत्पादक संगठन)
- संयुक्त किसान समूह
कार्बन क्रेडिट से कितनी कमाई हो सकती है?
कमाई जमीन, खेती के तरीके और क्षेत्र पर निर्भर करती है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार:
- ₹5,000 से ₹10,000 प्रति हेक्टेयर (सामान्य)
- ₹15,000 से ₹30,000 प्रति हेक्टेयर (उन्नत तरीके)
- कुछ मामलों में इससे भी ज्यादा
यह कमाई फसल की कमाई के अलावा होती है, यानी अतिरिक्त आय।
कार्बन क्रेडिट का पैसा कैसे मिलता है?
जब किसान की गतिविधियों को सत्यापित कर लिया जाता है, तो उसे कार्बन क्रेडिट जारी किया जाता है। इसके बाद:
- क्रेडिट बेचा जाता है
- राशि सीधे बैंक खाते में आती है
- कोई बिचौलिया नहीं होता
रजिस्ट्रेशन कैसे करें? (Hero Level)
फिलहाल भारत में कार्बन क्रेडिट के लिए कोई एक सरकारी पोर्टल नहीं है। किसान निम्न माध्यमों से जुड़ सकते हैं:
- एग्री-स्टार्टअप कंपनियां
- FPO और सहकारी समितियां
- निजी कार्बन एग्रीगेटर
आने वाले समय में सरकार इसे और व्यवस्थित करने की तैयारी में है।
क्या इसमें कोई जोखिम है?
हर नई योजना की तरह इसमें भी सावधानी जरूरी है। किसान को चाहिए कि:
- किसी भी कंपनी से जुड़ने से पहले जानकारी लें
- लिखित समझौता पढ़ें
- फर्जी वादों से बचें
निष्कर्ष: भविष्य की खेती, भविष्य की कमाई
कार्बन क्रेडिट योजना खेती को सिर्फ आज का नहीं, बल्कि भविष्य का व्यवसाय बना रही है। जो किसान समय रहते पर्यावरण-अनुकूल खेती की ओर बढ़ेंगे, वे आने वाले वर्षों में सबसे ज्यादा फायदा उठा सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
यह लेख कृषि विशेषज्ञों, पर्यावरण रिपोर्ट्स और सार्वजनिक जानकारी के अध्ययन पर आधारित है।
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